गिरिडीह सदर प्रखंड के पिंडटांड पंचायत स्थित हरिहरपुर गांव में एक गंभीर जमीन कब्ज़ा विवाद ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के निवासी युगल रविदास (पिता – नेमा दास) ने आरोप लगाया है कि विपक्षी टेकलाल रविदास ने उनकी जमीन पर जबरन कब्ज़ा कर लिया है, जबकि जमीन के असली कागज़ात और सरकारी रसीद उनके पास मौजूद हैं।

जमीन का विवरण
खाता संख्या: 8
प्लॉट संख्या: 21/1
रकबा: लगभग 2 एकड़
स्वामित्व: युगल रविदास के नाम
स्थिति: विवादित, मामला सिविल कोर्ट में लंबित

कब्ज़ा और निर्माण का आरोप
युगल रविदास के अनुसार, विपक्षी पक्ष ने फर्जी कागजात तैयार कर कब्ज़ा करने की कोशिश की।
पूर्व में इस जमीन पर धारा 144 सीआरपीसी के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी।
आदेश समाप्त होते ही विपक्षी पक्ष ने करीब 100 मजदूरों को लगाकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
साल 2024 में भी विपक्षी पक्ष ने उनके लिप्टिस के पेड़ काटकर घर बनाने की कोशिश की थी।

प्रशासनिक लापरवाही का आरोप
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पचंबा थाना, गिरिडीह अंचल कार्यालय और उपायुक्त रामनिवास यादव को लिखित आवेदन देकर की है। इसके बावजूद, निर्माण कार्य नहीं रोका गया और न ही सुरक्षा व्यवस्था की गई।
युगल रविदास ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष हथियारबंद होकर धमकी दे रहा है और जमीन पर जबरन निर्माण कर रहा है।

आवास योजना में अनियमितता का सवाल
पीड़ित ने बताया कि भीखन रविदास का पहले से पक्का मकान मौजूद है, फिर भी उसे आवास योजना का लाभ दिया गया। जबकि गांव के कई गरीब परिवार अब भी कच्चे मकानों में रहकर बारिश में परेशानी झेल रहे हैं।

कानूनी पहलू
1. धारा 441 आईपीसी – अतिक्रमण अपराध है।
2. धारा 188 आईपीसी – प्रशासनिक आदेश की अवहेलना दंडनीय है।
3. धारा 144 सीआरपीसी – निषेधाज्ञा के दौरान निर्माण या भीड़ इकट्ठा करना प्रतिबंधित है।
4. भूमि सुधार अधिनियम (झारखंड) – खतियान और रसीद मालिकाना हक का प्रमाण है।
5. सिविल कोर्ट में लंबित मामला – यथास्थिति बनाए रखना प्रशासन का दायित्व।

पीड़ित की मांगें
तत्काल निर्माण कार्य रोका जाए।
फर्जी कागजात की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
धमकी देने वालों पर FIR दर्ज हो।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया जाए।
—
जनता और प्रशासन से सवाल
क्या असली मालिक भी अपनी ही जमीन के लिए न्याय के लिए भटकेगा?
क्या गिरिडीह में जमीन माफिया कानून से ऊपर हैं?
जब कोर्ट में मामला विचाराधीन है, तब अवैध निर्माण की अनुमति क्यों?
अगले पक्ष के लोग अगर खबर चलने के बाद संपर्क करते हैं तो उनका भी खबर इस नंबर वन न्यूज़ चैनल पर दिखाया जाएगा
किसी भी प्रकार का खबर देना हो या विज्ञापन हो तो तुरंत संपर्क करें 8797907771
📌 रिपोर्ट: नवीन कुमार
📍 लोकेशन: पिंडटांड पंचायत, गिरिडीह, झारखंड



