छठ घाट निर्माण को लेकर विवाद, तलवार लेकर पहुंचे दबंग — पुलिस हस्तक्षेप के बाद हुआ समाधान।
गिरिडीह:
गिरिडीह जिले के मोतीलेदा पंचायत अंतर्गत नथुनियागढ़ा सकरी नदी में गुरुवार को छठ घाट निर्माण को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। जानकारी के अनुसार, मोतीलेदा पंचायत के कोल्हासिंग गांव के ग्रामीणों द्वारा नदी तट पर पारंपरिक छठ घाट की साफ-सफाई और निर्माण कार्य किया जा रहा था। तभी सोनबाद निवासी त्रिलोकी कोल अपने परिवार के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को वहां से हटाने लगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि त्रिलोकी कोल ने हाथ में तलवार लेकर ग्रामीणों को डराने-धमकाने का काम किया और उन्हें घाट निर्माण स्थल से खदेड़ दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरातफरी मच गई और डर के कारण कोल्हासिंग गांव के ग्रामीण वहां से भाग गए। इस दौरान एक ग्रामीण की बुलेट मोटरसाइकिल वहीं छूट गई, जिसे आरोपित ने तलवार से मारकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी त्रिलोकी कोल द्वारा उन्हें धमकाने की घटनाएं हो चुकी हैं। इस संबंध में कोल्हासिंग के ग्रामीणों ने कुछ दिन पूर्व ही बेंगाबाद थाना में एक लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की थी। बावजूद इसके, गुरुवार को फिर से ऐसी घटना घट गई।
घटना की जानकारी मिलते ही बेंगाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह, बेंगाबाद सीओ अमीर हम्ज़ा और सीआई मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों पक्षों से बात की। जांच के क्रम में प्रशासनिक पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिस जगह पर छठ घाट का निर्माण किया जा रहा है, वह GM (सार्वजनिक) प्लॉट है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे शांति और सौहार्द्र के साथ छठ घाट निर्माण का कार्य जारी रख सकते हैं। साथ ही यह भी कहा कि यदि आगे कोई व्यक्ति निर्माण कार्य में बाधा डालता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की पहल के बाद शुक्रवार की सुबह से ही छठ घाट का निर्माण कार्य पुनः शुरू कर दिया गया। इस दौरान घाट निर्माण स्थल पर जेसीबी मशीन लगाकर भूमि समतलीकरण और सफाई कार्य किया गया। मौके पर ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।
इस मौके पर मोतीलेदा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि छोटेलाल यादव, पंचायत समिति सदस्य रीतलाल प्रसाद वर्मा, सांसद प्रतिनिधि इंद्रलाल वर्मा, वार्ड सदस्य रवि कुमार वर्मा, समाजसेवी पवन कुमार वर्मा, दिनेश कुमार वर्मा सहित सैकड़ों महिला-पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे।
फिलहाल निर्माण कार्य शांतिपूर्वक चल रहा है। वहीं, जिन लोगों ने जमीन पर दावा किया था, वे शुक्रवार को मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि छठ पर्व आस्था, शांति और एकता का प्रतीक है, इसलिए इसमें किसी प्रकार का विवाद या राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी जनप्रतिनिधियों ने भी एक स्वर में कहा कि छठ घाट निर्माण को लेकर किसी को परेशान नहीं किया जाएगा, और यदि कोई बाधा उत्पन्न करता है तो प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
खबर लिखे जाने तक संवाददाता को अगले पद से कोई संपर्क नहीं हुई है यदि संपर्क होती है तो उनका भी पक्ष आप लोगों के दिखाया जाएगा।




