वीर बिरसा मुंडा को समर्पित साइक्लोथॉन की सशक्त शुरुआत, युवाओं ने दिखाया अदम्य साहस और अनुशासन।
झारखंड / हजारीबाग : वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन का शुभारंभ अत्यंत आत्मविश्वासपूर्ण एवं प्रभावशाली रूप से हुआ। प्रथम दिन प्रतिभागियों ने चुनौतीपूर्ण मार्गों को सराहनीय दृढ़ संकल्प और सहनशक्ति के साथ सफलतापूर्वक पार किया। उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट शारीरिक फिटनेस, अनुशासन तथा गहन तैयारी का सशक्त प्रमाण रहा। रामगढ़ छावनी पहुँचने पर साइक्लोथॉन दल का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ रात्रि विश्राम किया गया। प्रथम चरण की सफल समाप्ति ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान की एक सशक्त शुरुआत को चिह्नित किया।

दूसरे दिन, वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन – चरण II को रामगढ़ छावनी से ब्रिगेडियर दिग्विजय सिंह, कमांडेंट, सिख रेजिमेंटल सेंटर द्वारा वरिष्ठ सेना अधिकारियों, राज्य के गणमान्य व्यक्तियों एवं एनसीसी कैडेट्स की उपस्थिति में औपचारिक रूप से रवाना किया गया। साइक्लोथॉन दल ने आत्मविश्वास एवं निरंतरता के साथ नई दिल्ली की ओर प्रगति करते हुए निर्धारित दूरी सफलतापूर्वक पूर्ण की। मार्ग के कठिन हिस्सों में कैडेट्स ने असाधारण सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता एवं संकल्प का प्रदर्शन किया।

साइक्लोथॉन को मार्ग में जनता का व्यापक उत्साह एवं समर्थन प्राप्त होता रहा। नागरिकों ने युवा कैडेट्स के समर्पण, अनुशासन एवं ऊर्जावान प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। यह आयोजन महान स्वतंत्रता सेनानी वीर बिरसा मुंडा की विरासत को नमन करते हुए भारत के युवाओं की शक्ति, प्रतिबद्धता एवं संकल्प का सशक्त प्रतीक बना हुआ है।

हजारीबाग पहुँचने पर साइक्लोथॉन दल का हार्दिक एवं उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स एवं साइक्लोथॉन टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें उपस्थित जनसमूह को “शौर्य के कदम, क्रांति की ओर” विषयवस्तु के अंतर्गत साइक्लोथॉन के उद्देश्य से अवगत कराया गया। हजारीबाग में विश्राम स्थल पर वीर बिरसा मुंडा के साहस एवं सर्वोच्च बलिदान से संबंधित प्रेरक प्रसंगों का भी वर्णन किया गया।

रामगढ़ से हजारीबाग तक की यात्रा के दौरान साइक्लोथॉन को नागरिक प्रशासन का उत्कृष्ट सहयोग प्राप्त हुआ जिससे प्रतिभागियों की सुरक्षा एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित हुआ। हजारीबाग में रात्रि विश्राम के उपरांत साइक्लोथॉन को कल बराचट्टी, अगले पड़ाव के लिए रवाना किया जाएगा।




