Hazaribagh में कव्वाली को लेकर विरोध, झारखंडी एकता संघर्ष मोर्चा ने जताई आपत्ति…

हजारीबाग (झारखंड): झारखंडी एकता संघर्ष मोर्चा की ओर से हजारीबाग में एक बैठक आयोजित कर कव्वाली कार्यक्रमों में कथित अश्लीलता फैलाने के आरोप को लेकर विरोध जताया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में कुछ स्थानों पर पारंपरिक कव्वाली की आड़ में अशोभनीय प्रस्तुतियां दी जा रही हैं, जो सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के विपरीत हैं।

मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष इम्तियाज अंसारी ने कहा कि झारखंड में अधिकांश लोग शालीन और पारंपरिक कव्वाली का समर्थन करते हैं, लेकिन कुछ लोग कार्यक्रमों में अश्लीलता फैलाकर इसकी गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लगभग 95% लोग मर्यादित कव्वाली के पक्ष में हैं, जबकि 5% लोग कथित रूप से अशोभनीयता को बढ़ावा दे रहे हैं। संगठन ऐसे तत्वों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएगा।

वहीं, केंद्रीय सचिव वकील अंसारी ने कहा कि झारखंड के विभिन्न जिलों में संगठन का विस्तार किया जा रहा है। जल्द ही जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ऐसे कार्यक्रमों पर निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कव्वाली के नाम पर अश्लीलता परोसी जाती है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

संगठन के अल्पसंख्यक अध्यक्ष फैजान जिया ने भी कहा कि कव्वाली सूफी परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है। इसे मर्यादा और शालीनता के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गरिमा बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अश्लीलता का समर्थन न करें।




