गिरिडीह में “चयनित” बहाली, बाकी सिर्फ़ दर्शक — पर अब नेताओं की एंट्री से खेल बदल सकता है!
गिरिडीह।
रिपोर्ट:मंटू यादव
होमगार्ड बहाली का नोटिफिकेशन तो आया, लेकिन जमुआ, देवरी और गांवा प्रखंड के लिए पद ऐसे गायब जैसे सरकार की “जनहित” वाली घोषणाएं — सिर्फ़ कागज़ पर! नतीजा, सैकड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य लटका और प्रशासन के कान पर जूं तक न रेंगी।

आज इसी अन्याय के खिलाफ छात्रों ने समाहरणालय में ऐसा हुंकार भरा कि प्रशासन की “सुविधाजनक नींद” टूट गई। लेकिन सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब मैदान में उतरीं जमुआ विधायक डॉ. मंजू कुमारी — जिनके तेवर देखकर लग रहा था कि अगर बहाली में बराबरी का हक़ नहीं मिला, तो आंदोलन अब “फाइल” से निकलकर “सड़क” पर होगा।

साथ में थे धनवार के तेजतर्रार नेता और JLKM( झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा)के केंद्रीय महासचिव सह धनवार विधानसभा MLA प्रत्याशी राजदेश रतन, जिनका अंदाज़ साफ़ था — “अन्याय को चुपचाप देखना हमारा काम नहीं।” दोनों ने डीसी से सीधी बात की, किसी “समिति” या “रिपोर्ट” के भरोसे नहीं, बल्कि कल तक का अल्टीमेटम थमा दिया।

संकेत साफ़ हैं — या तो सरकार 18 अगस्त की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाए और सभी प्रखंडों को बराबर अवसर दे, या फिर गिरिडीह में आंदोलन का “हाई वोल्टेज सीज़न 2” शुरू होगा।

वैसे प्रशासन को एक सलाह — अब भी समय है, वरना यह आंदोलन आपके ऑफिस के एसी से लेकर आपकी चैन की नींद तक सब उड़ा देगा।




