गलत इलाज की खबर दिखाने पर पत्रकार को मिली धमकी – क्या अब लोकतंत्र में सच दिखाना गुनाह है?

गिरिडीह :
बीते दिन गिरिडीह के संवाददाता सूरज यादव ने मंगलम नर्सिंग होम में मरीजों से गलत इलाज और पैसे ऐंठने से जुड़ी खबर को उजागर किया था। खबर सामने आते ही जहां आम लोग इस शोषण पर सवाल उठा रहे थे, वहीं नर्सिंग होम प्रबंधन की सच्चाई उजागर करने की कीमत पत्रकार को भारी पड़ी।
मंगलम नर्सिंग होम के कर्मचारियों द्वारा संवाददाता सूरज यादव को न सिर्फ अभद्र गालियां दी गईं, बल्कि खुलेआम धमकियां भी दी गईं। सवाल यह उठता है कि –
👉 क्या अब सच दिखाना ही पत्रकारों की जान पर भारी पड़ रहा है?
👉 क्या नर्सिंग होम इलाज का केंद्र है या रंगदारी व वसूली का अड्डा?
👉 लोकतंत्र में गरीब जनता की आवाज उठाना अगर गुनाह है, तो पत्रकारिता का भविष्य कैसा होगा?
यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने की कोशिश है। पूंजीपतियों के इस खुलेआम दादागिरी से साफ झलकता है कि गलत इलाज व लूट को उजागर करना अब जान जोखिम में डालना जैसा हो गया है।
अब देखना होगा कि प्रशासन पत्रकार सुरक्षा और न्याय के लिए कितनी गंभीरता दिखाता है या फिर लोकतंत्र पर यह हमला यूं ही चलता रहेगा।
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