
बेंगाबाद (गिरिडीह): बेंगाबाद प्रखंड के प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में गुरुवार को एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक बुराइयों, नशे की लत और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों को लेकर जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम में “बाल विवाह – पहले पढ़ाई फिर विदाई”, “ड्रग्स के कुचक्र तोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो” और “सड़क सुरक्षा – जान है तो जहान है” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बेंगाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह और महिला थाना प्रभारी दीपमाला कुमारी मौजूद रहीं। दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समाज में फैल रही नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “बाल विवाह समाज की एक गंभीर समस्या है। यह न केवल एक लड़की के बचपन और शिक्षा को छीन लेता है बल्कि उसके पूरे भविष्य को प्रभावित करता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें ताकि समय रहते किसी की ज़िंदगी बर्बाद होने से बचाई जा सके।”

वहीं, महिला थाना प्रभारी दीपमाला कुमारी ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि “ड्रग्स से जीवन नष्ट हो जाता है। एक पल का गलत फैसला पूरे जीवन को अंधकार में डाल सकता है। युवाओं को चाहिए कि वे खेलकूद, शिक्षा और सामाजिक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएं।” उन्होंने छात्राओं से विशेष रूप से अपील की कि वे आत्मनिर्भर बनें और किसी भी प्रकार के सामाजिक शोषण या अपराध के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे न हटें।
सड़क सुरक्षा पर बात करते हुए दोनों अधिकारियों ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग केवल कानून की मजबूरी नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के अभियान विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ इस अभियान में भाग लिया।
अंत में विद्यालय प्राचार्य ने अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों में सामाजिक जागरूकता और आत्मविश्वास दोनों का विकास होता है।





