
गिरिडीह, 17 अक्टूबर 2025 : बाल मजदूरी उन्मूलन एवं पुनर्वास अभियान के तहत शुक्रवार को बेंगाबाद क्षेत्र में धावा दल द्वारा कई प्रतिष्ठानों, होटलों एवं ढाबों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान शिवम् ढाबा, बेंगाबाद में बाल श्रमिक के रूप में काम कर रहे एक नाबालिग को रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू के समय बच्चा ग्लास, कप, प्लेट धोने से लेकर साफ-सफाई और चूल्हे के पास मांस-मछली पकाने जैसे जोखिमपूर्ण कार्य करता पाया गया। बच्चे ने बताया कि उसे ₹1500 एडवांस देकर ढाबे में काम पर लगाया गया था, जोकि बंधुआ मजदूरी जैसा गंभीर अपराध है।
बाल श्रमिक को पहुँचाया गया संरक्षित स्थान पर
रेस्क्यू के बाद नाबालिग को बाल कल्याण समिति (CWC) गिरिडीह के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। वहीं ढाबा मालिक को समिति में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया, परंतु उन्होंने आने से इनकार कर दिया।

धावा दल की टीम शामिल रही :
1. श्रम विभाग, गिरिडीह के प्रधान लिपिक विजय राज
2. बेंगाबाद थाना SI सरयू पासवान / सहायक अवर निरीक्षक किशोर कुमार सरयू
3. चाइल्ड हेल्पलाइन से संतोष कुमार वर्मा
4. बनवासी विकास आश्रम एवं कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के सुरेश कुमार शक्ति
5. मुकेश कुमार, रूपा कुमारी, पारा लीगल वॉलंटियर संतोष कुमार पाठक आदि
स्पॉन्सरशिप योजना का दुरुपयोग
रेस्क्यू हुए बच्चे व उसके भाई को पूर्व में स्पॉन्सरशिप योजना के तहत प्रति माह ₹4000 की सहायता राशि शिक्षा हेतु दी जा रही थी, लेकिन मॉनिटरिंग की कमी के कारण बच्चा स्कूल छोड़कर फिर से काम पर लग गया। यह इस योजना की सही निगरानी न होने का स्पष्ट उदाहरण है।

बाल अधिकार कार्यकर्ता का बयान
बाल अधिकार एक्टिविस्ट सुरेश कुमार शक्ति ने कहा –“बाल श्रम के खिलाफ और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है, क्योंकि नियोक्ताओं में अब भी कानून का भय नहीं है। नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और बाल श्रम की शिकायत तुरंत करें।”
शिकायत हेतु टोल फ्री नंबर :
📞 1800-345-6526
📞 1098 (चाइल्डलाइन)

कानूनी प्रावधान :
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम कराना बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
इस अभियान में थाना प्रभारी बेंगाबाद जीतेन्द्र कुमार सिंह की भूमिका सराहनीय रही।



