सहियारी विद्यालय में शिक्षकों का अकाल, एक शिक्षक पर टिका 150 बच्चों का भविष्य।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग।

मुकेश कुमार / संवादाता NO1 NEWS Jharkhand Bihar
बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत बदवारा पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सहियारी की बदहाल स्थिति शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करती है। सरकार द्वारा 1 से 8 तक कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था तो है, लेकिन विद्यालय में सिर्फ एक शिक्षक पदस्थापित होने के कारण पूरा शैक्षणिक तंत्र चरमराया हुआ है। प्रतिदिन 150 से 200 बच्चे विद्यालय आते हैं, जिनकी पढ़ाई, अनुशासन और शैक्षणिक गतिविधियाँ काफी प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी की समस्या कोई नई नहीं है। कई वर्षों से स्थानीय लोग शिक्षा विभाग को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीण तंज करते हुए कहते हैं कि अगर किसी विधायक या सांसद का बच्चा इस विद्यालय में पढ़ रहा होता, तो आज स्थिति यह नहीं होती। गरीब और साधारण परिवारों के बच्चों की आवाज को विभाग और जनप्रतिनिधि दोनों ही अनदेखा कर रहे हैं।
एक शिक्षक के भरोसे आठ कक्षाओं का संचालन न केवल कठिन है बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। पठन-पाठन, कॉपी जांच, कक्षा संचालन, मध्यान्ह भोजन की निगरानी, मूल्यांकन कार्य—सबकुछ एक ही शिक्षक को करना पड़ रहा है। इससे शिक्षण की गुणवत्ता और बच्चों की सीखने की क्षमता पर सीधा असर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे स्कूल तो जाते हैं, लेकिन उचित मार्गदर्शन न मिलने के कारण उनका शैक्षणिक विकास लगभग ठप पड़ गया है।
इस संबंध में जब शिक्षा पदाधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि प्रखंड क्षेत्र के कई विद्यालय शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। रिक्त पदों की संख्या अत्यधिक होने और नए शिक्षकों की नियुक्ति लंबित रहने के कारण स्थिति बिगड़ी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही विभागीय स्वीकृति प्राप्त होगी, विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षकों की पोस्टिंग की जाएगी।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही तीन से चार अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए, तो बच्चों की शिक्षा पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न होने पर वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
स्थानीय जनप्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा, प्रदीप कुमार वर्मा, रामजी प्रसाद वर्मा, रोहन कुमार वर्मा, कल्पेश कुमार वर्मा और विकास कुमार वर्मा ने भी शिक्षा विभाग से तुरंत कदम उठाने की मांग की है।
सहियारी विद्यालय की यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था की खामियों और प्रशासनिक उदासीनता का स्पष्ट दर्पण है, जिसे सुधारना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है।



