इफको ने जमुआ प्रखंड के मदनुटांड में किया क्रांतिक उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन

गिरिडीह (जमुआ) संवाददाता — नवीन राज टाइगर
खेती में नवीनतम उर्वरकों एवं उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुँचाने तथा आवश्यक उपादान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विश्व की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको द्वारा ग्राम मदनुटांड, प्रखंड जमुआ (जिला गिरिडीह) में क्रांतिक उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के करीब 50 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों को नैनो उर्वरकों के गुण, उपयोग विधि एवं उनसे होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के प्रयोग से खेती की लागत में कमी लाकर आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

विशेष रूप से वर्तमान में चल रही प्याज की रोपाई को ध्यान में रखते हुए किसानों को नैनो डीएपी से जड़ शोधन कर रोपाई करने की सलाह दी गई। साथ ही प्याज की गुणवत्ता और उपज बढ़ाने के लिए रोपाई के समय सल्फर एवं बोरोन के प्रयोग पर जोर दिया गया।
किसानों को यह भी समझाया गया कि जिन फसलों में अधिक फूल आने के बावजूद फूल या फल गिरने की समस्या होती है, या फलों में टेढ़ापन एवं फटने जैसी विकृतियाँ दिखाई देती हैं, वहाँ बोरोन और कैल्शियम का प्रयोग अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।
इफको के अधिकारियों ने बताया कि किसी भी फसल में दानेदार यूरिया एवं डीएपी के उपयोग को आधा करते हुए यदि कम से कम दो बार नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं सागरिका का छिड़काव किया जाए, तो सब्जियों की उपज एवं गुणवत्ता में काफी सुधार देखा जा सकता है और फसलों का हरापन लंबे समय तक बना रहता है।

बढ़ती कृषि लागत को देखते हुए किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही द्वितीयक एवं सूक्ष्म पोषक तत्त्वों के महत्व, विभिन्न फसलों में उनके उपयोग और लाभों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित 50 किसानों को भिंडी एवं प्याज की फसल में उपयोग हेतु नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, सागरिका, जैव उर्वरक एवं बोरोन का किट निःशुल्क वितरित किया गया।
इस अवसर पर ग्राम मुखिया श्री संतोष वर्मा, बिक्री केंद्र प्रभारी श्री रामू वर्मा, विशेष उर्वरक सहायक श्री नवीन वर्मा, तथा इफको के क्षेत्र अधिकारी श्री देव कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



